रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) तथा भारतीय नौसेना ने कल ओडिशा के चांदीपुर में एकीकृत टेस्ट रेंज- आई टी आर से स्वदेश में विकसित वर्टिकल रूप से लॉन्च की जाने वाली कम दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल का पहला सफल परीक्षण किया। यह उड़ान परीक्षण बहुत कम ऊंचाई से अधिक गति के हवाई लक्ष्य के विरूद्ध भूमि आधारित वर्टिकल लॉन्चर से किया गया।
इस परीक्षण ने मिसाइल प्रणाली की नियर-बाउंड्री-लो एल्टीट्यूड क्षमता स्थापित की। इस परीक्षण के दौरान मिसाइल ने कम ऊंचाई पर चपलता, विश्वसनीयता और सटीकता का प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। यह परीक्षण कॉम्बैट कॉन्फ़िगरेशन में सभी हथियार प्रणालियों के साथ तैनात करके किया गया।
स्वदेशी रेडियो फ्रिक्वेंसी सीकर, बहु-कार्य को अंजाम देने वाली रडार तथा हथियार नियंत्रण प्रणाली सहित सभी उपकरणों में आशानुरूप प्रदर्शन किया है। आई टी आर चांदीपुर द्वारा विकसित विभिन्न रेंज के उपकरणों द्वारा प्राप्त उड़ान डेटा ने प्रणाली के प्रदर्शन को मान्य किया।
डीआरडीओ, भारतीय नौसेना तथा इस उद्योग को बधाई देते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में भारत के मजबूत डिजायन और विकास क्षमताओं के प्रमाण के रूप में इस मिसाइल प्रणाली की व्याख्या की।
क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को चार…
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के सोमवार सुबह…
प्रसिद्ध भारतीय भौतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर अशोक सेन को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ऑस्कर क्लाइन मेडल…
सरकार ने हिमाचल प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रम की 320 सीटें…
गृह मंत्रालय, सेना के सहयोग से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 60…
देश के कृषि क्षेत्र में एक नए डिजिटल युग का सूत्रपात करते हुए केंद्र सरकार…