संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा भारत, चीन, रूस और जापान को “जेनोफोबिक” कहने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि सभी सदस्य देशों को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार अनुबंध में बुनियादी मानकों को कायम रखना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप प्रवक्ता फरहान हक से जब बाइडन के ‘जेनोफोबिक’ संबंधी बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने (हक ने) कहा, ‘‘उन्होंने (बाइडन ने) जो कहा है उसपर मैं टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन निश्चित रूप से बाइडन ने चीन, जापान, रूस और भारत को “जेनोफोबिक” कहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रेखांकित किया कि देश के युवाओं का कल्याण और उनका…
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने आज ब्रुनेई के विदेश मंत्री प्रिंस अब्दुल मतीन के…
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मनीला में 33वें ASEAN रीजनल फोरम (ARF) मिनिस्टीरियल मीटिंग…
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू कश्मीर में स्वैच्छिक बंद और चक्का जाम हड़ताल जारी है।…
चीन के चांगझोउ में चल रहे चाइना ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की पी. वी.…
23वें राष्ट्रमंडल खेलों का शुभारंभ आज स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हो रहा है। 10 दिवसीय…