संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा भारत, चीन, रूस और जापान को “जेनोफोबिक” कहने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि सभी सदस्य देशों को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार अनुबंध में बुनियादी मानकों को कायम रखना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप प्रवक्ता फरहान हक से जब बाइडन के ‘जेनोफोबिक’ संबंधी बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने (हक ने) कहा, ‘‘उन्होंने (बाइडन ने) जो कहा है उसपर मैं टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन निश्चित रूप से बाइडन ने चीन, जापान, रूस और भारत को “जेनोफोबिक” कहा है।
18वां भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास 'नोमैडिक एलिफेंट' आज उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र…
रक्षा मंत्रालय ने टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए सहायक विद्युत इकाइयों (एपीयू) की खरीद…
स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) द्वारा आयोजित छठे राष्ट्रीय…
केंद्र सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन और विश्व स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित…
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) ने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड…
रूस में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी ने संसदीय चुनाव में बढ़त बना ली है। रूस…