संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा भारत, चीन, रूस और जापान को “जेनोफोबिक” कहने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि सभी सदस्य देशों को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार अनुबंध में बुनियादी मानकों को कायम रखना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप प्रवक्ता फरहान हक से जब बाइडन के ‘जेनोफोबिक’ संबंधी बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने (हक ने) कहा, ‘‘उन्होंने (बाइडन ने) जो कहा है उसपर मैं टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन निश्चित रूप से बाइडन ने चीन, जापान, रूस और भारत को “जेनोफोबिक” कहा है।
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