भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा है कि कोवैक्सीन के प्रभावों पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के अध्ययन से संबंधित लेख गुमराह करने वाला है और इसमें परिषद का भी गलत तरीके से हवाला दिया गया है। आईसीएमआर ने कहा है कि वह किसी भी तरह से इस अध्ययन से जुड़ा नहीं है और उसने शोध के लिए कोई वित्तीय या तकनीकी सहायता प्रदान नहीं की है।
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने पत्र के लेखकों और पत्रिका के संपादक को पत्र लिखकर कहा है कि आईसीएमआर के उल्लेख को तुरंत हटाया जाए। डॉ. बहल ने इस अध्ययन की प्रक्रिया और संरचना पर भी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस शोध में जो भी घटनाएं बताई गई हैं उनको कोविड-19 टीकाकरण से नहीं जोड़ा जा सकता है।
संचार एवं DoNER मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के नेतृत्व में, डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश…
भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट जहाज तारकश, दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी चल…
सरकार ने वर्तमान सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम को 30…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की छह दिन की यात्रा पर रवाना हो गए…
ईरान ने कहा है कि वह अमरीका के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने के…
भारतीय वायुसेना का ए.एन-32 विमान आज सुबह असम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा जोरहाट…