उच्चतम न्यायालय ने आज भारतीय दंड संहिता, आपराधिक दंड संहिता और साक्ष्य अधिनियम की जगह हाल ही में बनाए गए तीन आपराधिक कानूनों के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली अवकाश पीठ ने याचिकाकर्ता से व्यक्तिगत रूप से कहा कि यह याचिका खारिज किए जाने योग्य है।
याचिका पर विचार करने में शीर्ष अदालत की अनिच्छा को भांपते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि उसे याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। इस अवकाश पीठ में न्यायमूर्ति पंकज मित्तल भी शामिल थे। न्यायालय ने कहा कि यह याचिका बहुत ही अनौपचारिक और लापरवाह तरीके से दायर की गई है। आखिर में याचिका को वापस लिया गया मानकर खारिज कर दिया गया।
जनहित याचिका में कहा गया था कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में कई खामियां और विसंगतियां हैं।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राज्य सरकारों से भव्य औद्योगिक पार्क योजना…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग, ऊर्जा और डिजिटल संप्रभुता मंत्री…
फीफा फुटबॉल विश्व कप में, अर्जेंटीना ने अमरीका के मियामी गार्डन्स में खेले गए रोमांचक…
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 8 जुलाई,…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अल-नीनो’ के…
गुजरात में आतंकरोधी दस्ते-एटीएस ने पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ लोगों…