भारत

उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में बनाए गए तीन आपराधिक कानूनों के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से इनकार किया

उच्चतम न्यायालय ने आज भारतीय दंड संहिता, आपराधिक दंड संहिता और साक्ष्य अधिनियम की जगह हाल ही में बनाए गए तीन आपराधिक कानूनों के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली अवकाश पीठ ने याचिकाकर्ता से व्यक्तिगत रूप से कहा कि यह याचिका खारिज किए जाने योग्य है।

याचिका पर विचार करने में शीर्ष अदालत की अनिच्छा को भांपते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि उसे याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए। इस अवकाश पीठ में न्यायमूर्ति पंकज मित्तल भी शामिल थे। न्‍यायालय ने कहा कि यह याचिका बहुत ही अनौपचारिक और लापरवाह तरीके से दायर की गई है। आखिर में याचिका को वापस लिया गया मानकर खारिज कर दिया गया।

जनहित याचिका में कहा गया था कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में कई खामियां और विसंगतियां हैं।

Editor

Recent Posts

गृह मंत्री अमित शाह आज केरलम के कोल्लम में मां अमृतानंदमयी जी के 73वें जन्मदिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज केरलम के कोल्लम में मां अमृतानंदमयी जी के 73वें…

3 घंटे ago

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आईआईटी मद्रास एलुमनाई मीट ‘संगम’ में आईआईटी मद्रास यूनिकॉर्न वेंचर फंड लॉन्च किया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज बेंगलुरु में आईआईटी मद्रास एलुमनाई मीट ‘संगम’ में…

4 घंटे ago

गृह मंत्री अमित शाह ने केरलम के कोल्लम में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप तथा सहकारिता के माध्यम…

4 घंटे ago

कल रविवार को सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे: वित्त मंत्रालय

वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए कल रविवार को…

5 घंटे ago