भारत के औषधि क्षेत्र में नवाचार और व्यावहारिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने पर बढ़ते जोर के अनुरूप , राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाईपर) हाजीपुर ने बोह्रिंगर इंगेलहाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवा समाधानों को गति देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी के तहत, बोह्रिंगर इंगेलहाइम शोधकर्ताओं को अपने ओपन साइंस प्लेटफॉर्म opnMe® तक पहुंच प्रदान करेगा। इससे व्यापक वैज्ञानिक आदान-प्रदान संभव होगा और स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को गति मिलेगी। इस सहयोग से नाइपर हाजीपुर में अनुसंधान क्षमता का निर्माण होगा, छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और प्रारंभिक चरण के अवधारणा आधारित तथ्यपूर्ण आंकड़े प्राप्त हो सकेंगे। इनका प्रयोग अध्ययन या शोध, मानव परीक्षण (प्रीक्लिनिकल) विकास में जा सकता है। संसाधन-कुशल, एकीकृत अनुसंधान ढांचे का उपयोग करके, इस साझेदारी का लक्ष्य वैज्ञानिक खोजों को व्यवहार्य उपचारों में परिवर्तित करना है। इसका उद्देश्य नाइपर हाजीपुर को ट्रांसलेशनल फार्माकोलॉजी (प्रयोगशाला में हुए बुनियादी वैज्ञानिक शोध को मरीजों के उपचार तक पहुंचाने की प्रक्रिया) में अग्रणी बनाना है।
इस अवसर पर मनोज जोशी ने अनुसंधान और व्यावसायीकरण के बीच अंतर को कम करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा जगत और उद्योग के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला ।
नाइकर हाजीपुर और बोह्रिंगर इंगेलहाइम के बीच सहयोग से शिक्षा जगत और उद्योग के बीच तालमेल को बढ़ावा मिलने और अगली पीढ़ी की चिकित्सा पद्धतियों के विकास में योगदान देने तथा देश में एक मजबूत, नवाचार-संचालित स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम के निर्माण के व्यापक उद्देश्य को सहयोग मिलने की आशा है।
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