बिज़नेस

वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव ने संपत्तियों की ई-नीलामी के लिए पुनर्निर्मित ‘बैंकनेट’ ई-नीलामी पोर्टल का शुभारंभ किया

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग(डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने आज नई दिल्ली में पुनर्निर्मित ई-नीलामी पोर्टल ‘बैंकनेट’ का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरणों के अध्यक्ष, ऋण वसूली न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के एमडी और सीईओ, भारतीय बैंक संघ के उप सीईओ, पीएसबी एलायंस लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी और डीएफएस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह प्लेटफ़ॉर्म सभी पीएसबी से ई-नीलामी संपत्तियों के बारे में जानकारी एकत्रित करता है और खरीदारों और निवेशकों को विभिन्न प्रकार की संपत्तियों की खोज करने के लिए एक स्थान पर सुविधा देता है। सूची में आवासीय संपत्तियाँ जैसे कि फ्लैट, स्वतंत्र घर और खुले भूखंड, साथ ही वाणिज्यिक संपत्तियाँ, औद्योगिक भूमि और भवन, दुकानें, वाहन, संयंत्र और मशीनरी, कृषि और गैर-कृषि भूमि शामिल हैं। इन सभी विवरणों को एक स्थान पर एकत्र करके, यह संपत्ति ई-नीलामी खोजने और उसमें भाग लेने की प्रक्रिया को सरल बनाता है, जिससे खरीदारों और निवेशकों के लिए अवसरों की पहचान करना आसान हो जाता है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में एम. नागराजू ने इस बात पर जोर दिया कि इस मंच की शुरुआत से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वसूली प्रक्रिया में काफी सहायता मिलेगी, जिससे बैंकों की बैलेंस शीट में सुधार होगा और व्यवसायों और व्यक्तियों के लिए ऋण उपलब्धता बढ़ेगी। एम. नागराजू ने इस पहल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, आईबीबीआई और डीआरटी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि उनका सहयोग इस मंच की सफलता की कुंजी है।

एम. नागराजू ने कहा, “इस मंच से संकटग्रस्त संपत्तियों का मूल्यांकन करके और निवेशकों का विश्वास बढ़ाकर समग्र आर्थिक माहौल को बेहतर बनाने की आशा है। प्रौद्योगिकी के उपयोग से यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ होगी।”

नया पोर्टल उन्नत एवं बेहतर सुविधाओं से लैस है:

  • सरल उपयोगकर्ता सुविधा – एकल पोर्टल, जिसमें संपूर्ण नीलामी-पूर्व, नीलामी और नीलामी-पश्चात की सुविधा एक ही अनुप्रयोग में उपलब्ध हैं
  • स्वचालित एवं एकीकृत भुगतान गेटवे और केवाईसी साधन
  • तृतीय पक्ष एकीकरण के लिए खुले एपीआई के साथ माइक्रोसर्विसेस आधारित वास्तुकला
  • एक क्लिक पर ‘व्यय विश्लेषण’ और विभिन्न ‘एमआईएस रिपोर्ट’ के लिए डैशबोर्ड सुविधा
  • ग्राहकों के लिए कॉलबैक अनुरोध सुविधा के साथ समर्पित हेल्पडेस्क और कॉल सेंटर सुविधा

डीएफएस ने पहले ही सभी पीएसबी के अधिकारियों और डीआरटी के सभी वसूली अधिकारियों को ‘बैंकनेट’ पोर्टल की विशेषताओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया है,जिससे पोर्टल का प्रभावी और कुशल उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। 1,22,500 से अधिक संपत्तियों को नीलामी के लिए पहले ही नए पोर्टल पर स्थानांतरित किया जा चुका है।

Editor

Recent Posts

धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में…

1 घंटा ago

FIU-IND और PFRDA ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा…

2 घंटे ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नई दिल्‍ली में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्‍टॉकर के…

4 घंटे ago

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख…

4 घंटे ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता…

6 घंटे ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य…

6 घंटे ago