इस्पात सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा है कि सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की अधिक मांग के कारण भारत में इस्पात उत्पादन वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन से अधिक हो जाने का अनुमान है।
कल, दिल्ली में भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स में उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे पर जोर दिए जाने से इस्पात की मांग काफी अधिक बनी हुई है और इसमें लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि की संभावना है। नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि और सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे पर निरंतर जोर के कारण स्टील की मांग मजबूत बनी रहेगी।
इस सप्ताह के शुरू में इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमार स्वामी ने स्टील आयात पर निगरानी के लिए बने पोर्टल सिम्स के दूसरे संस्करण की शुरुआत की थी।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में एक बार फिर हवा का कम दबाव का क्षेत्र…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन और तेज…
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी-एनटीए ने इस वर्ष जून में हुई यूजीसी-नेट परीक्षा के 84 विषयों के…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज चेन्नई के पास चेंगलपट्टू के कट्टनकुलथुर में स्थित एसआरएम…
16 अगस्त 2026 को लगभग 0930 बजे, श्री कमलेश केदारनाथ राय नामक एक यात्री जो…