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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ 2027 रेल योजनाओं की समीक्षा की

रेल मंत्रालय ने प्रयागराज महाकुंभ की तरह ही 2027 में आयोजित होने वाले नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ के लिए अग्रिम तैयारियां आरंभ कर दी हैं।

केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू ने योजनाओं की गहन समीक्षा की। मध्य रेलवे के जीएम, भुसावल डिवीजन के डीआरएम और अन्य अधिकारियों ने मंत्रियों तथा रेलवे बोर्ड को इसकी योजना और कार्यान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

मेला क्षेत्र से संपर्क सुदृढ़ बनाना : रेलवे सिंहस्थ के लिए व्यापक बुनियादी ढांचे और प्रचालनगत उन्नयन का कार्य आरंभ करेगा। इसने पूरे क्षेत्र में स्टेशनों की क्षमता विस्तार के लिए एक एकीकृत योजना तैयार की है। इसका लक्ष्य नासिक सिंहस्थ 2027 के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना है।

रेल मंत्री ने अधिकारियों से महाकुंभ 2025 के अनुभव से प्राप्त सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों को नासिक के सभी निकटवर्ती स्टेशनों पर पर्याप्त सुविधाएं विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने निर्बाध परिवहन के लिए पर्याप्त स्टेब्लिंग क्षमता की आवश्यकता पर बल दिया।

अधिकारियों ने बताया कि मेला क्षेत्र के आसपास के 5 प्रमुख स्टेशनों पर यात्री यातायात का प्रबंधन किया जाएगा। ये स्टेशन हैं: नासिक रोड, देवलाली, ओढ़ा, खेरवाड़ी और कसबे सुकेणे।

बुनियादी ढांचे का उन्नयन, यात्री सुविधाओं में वृद्धि: रेलवे अधिकारियों ने चिन्हित पांचों स्टेशनों पर प्रस्तावित बुनियादी ढांचे के कार्यों और यात्री सुविधाओं का विवरण साझा किया। इन स्टेशनों पर नियोजित कार्यों की लागत 1,011 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है।

नासिक रोड: प्लेटफ़ॉर्म-4 को दो दिशाओं वाला बनाया जाएगा। प्लेटफ़ॉर्म-1 का विस्तार 24 कोच वाली ट्रेनों के लिए किया जाएगा। 12 मीटर चौड़ा एफओबी बनाया जाएगा। माल शेड को होल्डिंग एरिया के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव है।

नासिक रोड पर स्टेब्लिंग लाइनें विकसित की जा रही हैं। प्लेटफ़ॉर्म की सतह, चारदीवारी और मेला टावर का भी उन्नयन किया जाएगा।

देवलाली: अतिरिक्त प्लेटफ़ॉर्म बनाए जाएंगे। दो 6 मीटर चौड़े पैदल ऊपरी पुल (एफओबी) बनाए जाएंगे। उन्नत कोच और वैगन परीक्षण सुविधा केंद्रों (3 स्टेब्लिंग लाइन और 2 पिट लाइन के साथ) के निर्माण की भी योजना है। एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव है।

ओधा: लूप लाइनों वाला एक आइलैंड प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया जाएगा। चार 6 मीटर चौड़े एफओबी बनाए जाएंगे। लंबी दूरी की लूप लाइन और यार्ड रीमॉडलिंग की भी योजना है। 5 स्टेब्लिंग लाइनें बनाने का प्रस्ताव है।

खेरवाड़ी: एक नया डाउन प्लेटफ़ॉर्म बनाया जाएगा। दो 6 मीटर चौड़े पैदल ऊपरी पुल (एफओबी) बनाए जाएंगे। यार्ड रीमॉडलिंग का भी प्रस्ताव है।

कसबे-सुकेणे: प्लेटफार्मों का विस्तार किया जाएगा। दो 6 मीटर चौड़े पैदल ऊपरी पुल (एफओबी) बनाए जाएंगे। एक सामान्य डिस्पैच सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा।

उपरोक्त के अतिरिक्त, सभी पांचों स्टेशनों पर विभिन्न यात्री सुविधाओं के विकास की योजना है। इनमें कवर्ड ओवर प्लेटफॉर्म, पानी की टंकियां, नए शौचालय और वाटरप्रूफ होल्डिंग एरिया शामिल हैं। सर्कुलेटिंग एरिया, रास्ते, प्रवेश/निकास मार्ग और यात्री सूचना प्रणालियों को भी उन्नत करने की योजना है।

रेलवे उपरोक्त कार्यों को 2 वर्षों की समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तत्पर है। कुल 65 प्रस्तावित कार्यों में से 33 के आकलनों को पहले ही स्वीकृत दी जा चुकी है।

सिंहस्थ के लिए विशेष रेलगाड़ियां: अनुमानित 3 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है, जो सिंहस्थ 2015 की तुलना में लगभग 50 गुना अधिक है। इसे ध्यान में रखते हुए, रेलवे बहुत अधिक संख्या में विशेष रेलगाड़ियां चलाने की योजना बना रहा है।

देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए लंबी दूरी की विशेष और छोटी दूरी की मेमू ट्रेनें उपलब्ध कराई जाएंगी। ये नासिक को कामाख्या, हावड़ा, पटना, दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, मुंबई, पुणे, नागपुर और नांदेड़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से जोड़ेंगी।

एक राउंड-ट्रिप विशेष सर्किट ट्रेन भी चलाई जाएगी। यह तीन ज्योतिर्लिंगों- त्र्यंबकेश्वर, घृष्णेश्वर और ओंकारेश्वर को जोड़ेगी।

भीड़ का सुचारु रूप से प्रबंधन करना: तीर्थयात्रियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रमुख स्टेशन पर बड़े होल्डिंग एरिया विकसित किए जा रहे हैं। एक केंद्रीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह प्रभावी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और पूर्वानुमानित समय-निर्धारण के लिए एआई उपकरणों से सुसज्जित होगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ संयुक्त बैठक : रेलवे अधिकारी राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। रेलवे और महाराष्ट्र राज्य सरकार के बीच घनिष्ठ समन्वयन है। आने वाले महीनों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ प्रगति की एक संयुक्त समीक्षा की जाएगी।

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