उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि स्वच्छ ऊर्जा और सतत शहरी विकास के लिए राज्य की प्रतिबद्धता के अंतर्गत राज्य के सभी नगर निगमों को सौर शहरों में परिवर्तित किया जाएगा। मु्ख्यमंत्री ने यह घोषणा कल गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम-एनसीएपी पर तीन दिवसीय कार्यशाला और राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, 22 हजार मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
22 हजार मेगावाट की रीन्यूवल एनर्जी के लिए, जिसमें से अब-तक हम लोग लगभग छह हजार रीन्यूवल एनर्जी बना चुके हैं, सोलर पैनल के माध्यम से। अयोध्या आज देश की पहली सोलर सिटी है, जहां पर जितनी भी रीन्यूवल एनर्जी हमारी बन रही है, उसी से वहां की स्ट्रीट लाइट जलती है। स्ट्रीट लाइट के लिए हम हाइड्रो या थर्मल पॉवर का उपयोग नहीं करते हैं। वहां पर हम लोग सोलर पैनल हम लोगों ने लगाए हैं, उसी से स्ट्रीट लाइट अयोध्या की जलती है। ऐसे ही 17 के 17 म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन को हम लोगों ने इसके साथ जोड़ने का कार्य किया है और छह हजार मेगावाट तक हम बना चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2070 तक भारत के शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय सभी स्तरों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
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