भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण-एफ.एस.एस.ए.आई. ने खाद्य वस्तु कारोबारियों-एफ.बी.ओ. और ई-कॉमर्स एफ.बी.ओ. से दूध और दुग्ध उत्पादों की सभी पैकेजिंग से ए-वन और ए-टू के बारे में सभी दावें तत्काल हटाने को कहा है।
ए-वन और ए-टू के वर्गीकरण में दूध और दुग्ध उत्पाद घी, मक्खन और दही की बिक्री को देखते हुए प्राधिकरण का यह निर्देश आया है। प्राधिकरण ने कहा है कि दूध में ए-वन और ए-टू का वर्गीकरण आवश्यक रूप से प्रोटीन के संबंध में होना चाहिए। इसलिए दूध वसा उत्पादों के संबंध में ए-टू का दावा भ्रामक है और प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अपनी शानदार…
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इंडिया पोस्ट का राजस्व बढ़कर 15,373 करोड़ रुपये हो गया है,…
पारंपरिक वेलनेस और प्राकृतिक उत्पादों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत की अग्रणी स्थिति…
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कहा है कि “भारत में अब तक बुंडिबुग्यो…
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार ने सभी जनजातीय समुदायों को समान नागरिक…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को ईरान के…