देश के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज – आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दुल और आईसीजीएस वीरा फारस की खाड़ी में लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के अंतर्गत ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पहुंच गए हैं। यह यात्रा समुद्री सहयोग को विस्तारित करने और आपसी समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय जहाजों को आईआरआई नौसेना के जहाज ज़ेरेह के मार्गदर्शन में बंदरगाह तक ले जाया गया और आईआरआई नौसेना के प्रथम नौसेना जिले और भारतीय नौसेना के गणमान्य अधिकारियों द्वारा जेटी पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया।
इस यात्रा के दौरान, भारत के जहाज भारतीय नौसेना और आईआरआई नौसेना के बीच समुद्री सुरक्षा तथा पारस्परिक कार्य संचालन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से गतिविधियों में शामिल होंगे। इन जहाजों के प्रवास के दौरान व्यावसायिक आदान-प्रदान, अंतर-प्रशिक्षण दौरे, पुष्पांजलि, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और समुद्री साझेदारी अभ्यास (एमपीएक्स) की योजना बनाई गई है।
इससे पहले ईरानी प्रशिक्षण बेड़े के जहाज बुशहर और टोनब ने प्रशिक्षण गतिविधियों के हिस्से के रूप में मार्च, 2024 में मुंबई का दौरा किया था। आईआरआई नौसेना के जहाज डेना ने फरवरी, 2024 में बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास मिलन 2024 में भी भाग लिया था। वर्तमान यात्रा, सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास) पहल के दृष्टिकोण के अनुरूप क्षेत्रीय देशों के साथ समुद्री सहयोग के उद्देश्य से भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
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