बिज़नेस

राज्यों को उनकी व्यापार सुधार कार्य योजना और डिजिटलीकरण के कार्यान्वयन के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगाः आम बजट 2024-25

‘विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने और सभी के लिए समुचित अवसरों का सृजन करने की दिशा में एक विस्तृत प्रारूप के साथ केन्‍द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में ‘केन्‍द्रीय बजट 2024-25’ पेश करते हुए कारोबार करने में आसानी और दिवाला और शोधन अक्षमता इको-सिस्टम को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान को सुनिश्चित करते हुए नौ प्राथमिकताओं के लिए निरंतर रूप से प्रयास जारी रखने पर बल दिया।

कारोबार करने में आसानी

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि व्यवसाय करने की आसानी’ को बढ़ाने के लिए, हम जन विश्वास विधेयक 2.0 पर पहले से ही काम कर रहे हैं। निर्मला सीतारमण ने घोषणा करते हुए कहा कि इसके अलावा, राज्यों को अपने व्यवसाय सुधार कार्य योजना के कार्यान्वयन और डिजिटाइजेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

आईबीसी इको-सिस्टम को मजबूत बनाना

वित्त मंत्री ने प्रस्ताव दिया कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के अंतर्गत परिणामों को बेहतर बनाने तथा निरंतरता, पारदर्शिता, समयोजित प्रसंस्करण तथा बेहतर पर्यवेक्षण हेतु सभी हितधारकों के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इससे सभी हितधारकों के लिए निरंतरता, पारदर्शिता, समयबद्ध प्रसंस्करण और बेहतर दृष्टिकोण को सुनिश्चित किया जा सकेगा।

निर्मला सीतारमण ने बताया कि आईबीसी ने एक हजार से ज्यादा कंपनियों के मामलों का समाधान किया है। इसके परिणामस्वरूप ऋणदाताओं को 3.3 लाख करोड़ से अधिक की सीधी रिकवरी हुई है। इसके अलावा 10 लाख करोड़ रुपए से जुड़े 28 हजार मामलों का भी निपटारा किया गया है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि आईबीसी में उपयुक्त बदलाव, ट्राइब्यूनल और अपीलीय ट्राइब्यूनल में सुधार और मजबूती लाने से दिवाला समाधानों में तेजी लाने की पहल की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने अतिरिक्त ट्राइब्यूनल की स्थापना का भी प्रस्ताव दिया, जिनमें से कुछ को कंपनी अधिनियम के अंतर्गत विशेष रूप से निर्धारित मामलों के लिए अधिसूचित किया जाएगा।

एलएलपी को स्वैच्छिक रूप से बंद करना

बंद करने की समय-सीमा को कम करते हुए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप्स (एलएलपी) को स्वैच्छिक रूप से बंद करने के लिए क्लोजर सेंटर फ़ॉर प्रोसेसिंग एक्लीरेटिड कॉरपोरेट एग्जिट (सी-पेस) की सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

ऋण वसूली को मजबूत बनाना

ऋण वसूली में तेजी लाने के लिए ऋण वसूली अधिकरणों में सुधार करते हुए इन्हें मजबूत बनाया जाएगा। इसके साथ-साथ अतिरिक्त अधिकरणों की स्थापना की जाएगी।

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